बिहार में 134 दिन बाद खुले एक लाख स्‍कूल, अभिभावकों को सता रहा कोरोना का डर

Covid-19 16-08-2021 12:51 PM 345

 बिहार में 134 दिन बाद खुले एक लाख स्‍कूल, अभिभावकों को सता रहा कोरोना का डर 


 बिहार के करीब एक लाख प्राथमिक और माध्‍यमिक विद्यालयों में 134 दिनों के बाद पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में पठन-पाठन सोमवार से शुरू हो गया है। सरकार ने इन स्‍कूलों को खोलने के लिए पहले ही तारीख तय कर दी थी। सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रविवार को भी इन स्‍कूलों में बच्‍चों को झंडोत्‍तोलन समारोह में बुलाने की इजाजत दे दी थी। पहले दिन ज्‍यादातर सरकारी स्‍कूलों में उपस्थिति नहीं के बराबर रही, जबकि निजी स्‍कूलों में भी बेहद कम बच्‍चे ही पढ़ने आए। अभिभावकों में कोरोनावायरस की तीसरी लहर को लेकर डर देखा जा रहा है। कई अभिभावक बच्‍चों को स्‍कूल भेजने से पहले कुछ दिनों तक वेट एंड वाच की स्थिति में रहना चाहते हैं। उन्‍हें कोरोनावायरस की तीसरी लहर का डर सता रहा है।

सरकार के निर्देश के बाद 72 हजार सरकारी प्रारंभिक विद्यालय खुल गए हैं, हालांकि इन स्‍कूलों में अभी मध्‍याह्न भोजन योजना के तहत दोपहर का खाना नहीं दिया जाएगा। बाढ़ प्रभावित इलाके में स्‍कूल खोलने की अनुमति के बावजूद ज्‍यादातर हिस्‍सों में कक्षाओं की संचालन की स्थिति नहीं है। ऐसे स्‍कूलों में पठन-पाठन शुरू होने के लिए अभी इंतजार करना होगा। राज्‍य में निजी स्‍कूलों की संख्‍या को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, क्‍योंकि ज्‍यादातर निजी स्‍कूल निबंधित नहीं हैं। ऐसे सैकड़ों स्‍कूल तो करीब डेढ़ साल से लाकडाउन और कोरोना गाइडलाइन की बंदिशों की वजह से पूरी तरह बंद हो गए हैं।

प्रारंभिक विद्यालयों के खुलने से पूर्व की तैयारियों को लेकर शनिवार को शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में सभी जिलों के समाहर्ता और जिला शिक्षा अधिकारियों की वर्चुअल मीटिंग हुई थी। इसमें शिक्षा मंत्री ने आदेश दिया था कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं।

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि अब विद्यालय पूरे समय तक चलें और शिक्षक अपना शत-प्रतिशत शिक्षण कार्य में योगदान करें। शिक्षा विभाग के सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी नियमित रूप से विद्यालयों में निरीक्षण करें। निरीक्षण के क्रम में यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विद्यालयों में कक्षाओं के संचालन में कोरोना प्रोटोकाल और साफ-सफाई का पालन सुनिश्चित हो। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिक्षकों एवं कर्मचारियों को टीका का दोनों ही खुराक अवश्य दिलवाएं। बैठक में मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार और प्राथमिक शिक्षा निदेशक अमरेंद्र प्रसाद सिंह मौजूद थे।