दिल्ली क्राइम प्रेस एनजीओ ने जमीनी विवाद में फंसे पीड़ित परिवार को दिलाया न्याय

Crime 31-07-2021 02:36 PM 542

-दबंग भाइयों ने पीड़ित भाई की दुकान कब्जा करने के साथ भतीजे को झूठे मामले में फंसाया

-दिल्ली क्राइम एनजीओ ने पीड़ित के परिवार को पुलिस से छुड़वाने के साथ दिलाया दुकान पर कब्जा


दिल्ली क्राइम संवाददाता: कल्याणपुरी में दो छोटे भाइयों ने मिलकर बड़े भाई की दुकान पर कब्जा करने के साथ बड़े भाई के परिवार के साथ मारपीट कर दी। आरोपियों ने बड़े भाई पर वर्चस्व बनाये रखने के लिए अपने ही भतीजे के खिलाफ शिकायत देकर उसे पुलिस से पकड़वा दिया। मामले की सूचना मिलने पर दिल्ली क्राइम एनजीओ ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाते हुए पीड़ित के लड़के को पुलिस से छुड़वाने के साथ भाइयों के झगड़े को शांत करवाया।


पीड़ित राकेश के अनुसार वह अपने परिवार के साथ कल्याणपुरी में रहते हैं। राकेश की गैस चूल्हा ठीक करने की दुकान है। राकेश ने जरूरत पड़ने पर अपने भाई अरविंद को दुकान पर काम पर रख लिया। दुकान का काम संभालने के बाद अरविंद ने राकेश को दुकान पर आने वाले कमाई के पैसे देने बन्द कर दिए व पैसे मांगने पर बहाने बनाने लगा। आरोपी पर करीब 5 लाख रुपये बकाया हो गए। जब पीड़ित राकेश ने इस बात का विरोध किया तो आरोपी अरविंद ने दुकान पर कब्जा करने की बात कही और राकेश के साथ मारपीट करनी शुरू की दी। जब आरोपी का इससे मन नहीं भरा तो उसने अपनी भाभी और भतीजे को भी पीट दिया और वहां से भाग गया।


दोनों भाइयों ने मिलकर की दुकान पर कब्जा करने की कोशिश

पीड़ित के अनुसार विवाद करके मौके से फरार आरोपी अरविंद दूसरे भाई रवि के साथ मिलकर दुकान पर कब्जा करने की नियत से आये और पीड़ित राकेश और उनकी बीबी और बच्चों के साथ मारपीट कर दी। मारपीट के दौरान आरोपी अरविंद का पैर फिसल गया और वह घायल हो गया, जिसके बाद अरविंद ने राकेश के पुत्र पर मारपीट का आरोप लगाकर उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दे दी।


दिल्ली क्राइम एनजीओ ने पीड़ित को न्याय दिलाने के साथ दिलाया दुकान पर कब्जा

अरविंद की शिकायत पर पुलिस ने पीड़ित के पुत्र को पकड़ लिया जिसके बाद पीड़ित दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित दिल्ली क्राइम एनजीओ के कार्यालय पर पहुचें और वहां पर एनजीओ के सदस्य राजकुमार, अनीता और रामनाथ से मिले और अपनी समस्या बताई, जिसके बाद एनजीओ की टीम पुलिस के पास पहुँची और उन्हें विस्तार से पूरी बात समझाने के साथ पीड़ित के पुत्र पर लगे सभी केस हटवा दिए। पीड़ित के पुत्र को पुलिस से छुड़वाने के साथ एनजीओ की टीम ने पीड़ित को दुकान पर मालिकाना हक दिलवा दिया। जिसके बाद पीड़ित राकेश ने एनजीओ का आभार व्यक्त किया।