बदायूं में 'ऑपरेशन लीकगेट'! बदमाश पकड़े गए, लेकिन इंस्पेक्टर पर गिरी गाज
बदायूं, 7 जून। जनपद बदायूं में एक लूटकांड के खुलासे के बाद पुलिस विभाग में उस समय हलचल मच गई जब कार्रवाई से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार, 9 मई की रात बिल्सी क्षेत्र निवासी लोकेश से ब्योली गांव के पास बाइक और मोबाइल लूट लिया गया था। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए हाल ही में कार्रवाई कर फारुख उर्फ बादशाह और अमन चतुर्वेदी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया, जबकि तीसरे आरोपी सुरजीत को कॉम्बिंग अभियान के दौरान पकड़ लिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा था। इसी बीच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा को सूचना मिली कि मुठभेड़ और गिरफ्तारी अभियान से जुड़ी गोपनीय जानकारी पहले ही लीक हो गई थी। अधिकारियों के अनुसार यदि बदमाशों को कार्रवाई की पूर्व जानकारी मिल जाती, तो पुलिस टीम पर गंभीर हमला हो सकता था और जवानों की जान खतरे में पड़ सकती थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई की। वजीरगंज थाना प्रभारी (SHO) सुरेंद्र सिंह को शनिवार रात लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं बिल्सी थाना प्रभारी मनोज कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि उनकी भूमिका सामने आती है तो आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ था। ऐसे में गोपनीय जानकारी के कथित लीक होने को विभाग ने बेहद गंभीर माना है। पुलिस विभाग में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और सभी की निगाहें विभागीय जांच की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
संवाददाता: एके (पीयूष) सोनी, बदायूं