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फैक्ट्री में कैद 12 बंधुआ मजदूर मुक्त, 24 घंटे काम कराकर दी जाती थी सिर्फ एक सूखी रोटी; दो आरोपी गिरफ्तार

फैक्ट्री में कैद 12 बंधुआ मजदूर मुक्त, 24 घंटे काम कराकर दी जाती थी सिर्फ एक सूखी रोटी; दो आरोपी गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर: जनपद की तितावी पुलिस और एसओजी देहात की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम मांडी स्थित एक फैक्ट्री में पिछले एक से डेढ़ साल से बंधक बनाकर रखे गए 12 श्रमिकों को सकुशल मुक्त करा लिया है। मुक्त कराए गए श्रमिकों में कुछ नाबालिग भी शामिल हैं, जो बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा और राजस्थान जैसे विभिन्न राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इस अमानवीय कृत्य में शामिल दो आरोपियों, बुढ़ाना निवासी शिवा और मांडी निवासी प्रदीप बालियान को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अंकित बालियान अभी फरार है। ​पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और डीआईजी सहारनपुर के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम में तितावी थाना प्रभारी प्रमोद कुमार, एसओजी देहात प्रभारी मोहित चौधरी, सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह और तहसीलदार राधेश्याम गौड़ शामिल रहे। संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से फैक्ट्री पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि इन गरीब मजदूरों को रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों से 10 से 12 हजार रुपये महीना वेतन, रहने व खाने का लालच देकर यहां लाया गया था। लेकिन यहां लाने के बाद उन्हें बंधुआ मजदूर बना दिया गया। उनसे दिन-रात 24 घंटे जबरन काम कराया जाता था और खाने के नाम पर दिन में केवल एक बार सूखी रोटी दी जाती थी। अगर कोई मजदूर अपने वेतन की मांग करता या बाहर जाने की बात करता, तो आरोपी लोहे की रॉड और डंडों से उनकी बेरहमी से पिटाई करते थे। बीमार होने पर भी उन्हें कोई इलाज नहीं मिलता था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और बंधुआ श्रम पद्धति अधिनियम सहित बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस सराहनीय और चुनौतीपूर्ण सफलता पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस टीम को 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।

संवाददाता: निखिल सैनी, दिल्ली क्राईम प्रेस (मु० नगर)