कोटेदारों का सरकार को दो टूक संदेश: मांगे नहीं मानीं तो 17 फरवरी से विधानसभा घेराव
उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनकी लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 17 फरवरी से विधानसभा का घेराव करेंगे। यह चेतावनी ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश द्वारा दी गई है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कोटेदारों को मात्र 90 रुपये प्रति कुंतल का लाभांश दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। जबकि अन्य राज्यों में उचित दर विक्रेताओं को इससे कहीं अधिक लाभ दिया जा रहा है। हरियाणा, दिल्ली और गोवा जैसे राज्यों में प्रति कुंतल 200 से 230 रुपये तक लाभांश दिया जा रहा है, वहीं गुजरात में न्यूनतम आय की गारंटी की व्यवस्था लागू है।
संस्था का कहना है कि कोरोना काल के दौरान भी उत्तर प्रदेश के कोटेदारों ने सरकार के निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करते हुए राशन वितरण का कार्य किया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत नि:शुल्क राशन वितरण में कोटेदारों की अहम भूमिका रही है। इस सेवा भावना के लिए केंद्र सरकार द्वारा भी प्रशंसा की जा चुकी है।
इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के कोटेदारों को अन्य राज्यों की तुलना में कम लाभांश और सुविधाएं मिलना उनके साथ अन्याय है। एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि कोटेदारों के लाभांश में वृद्धि की जाए तथा उन्हें न्यूनतम आय की गारंटी दी जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानजनक ढंग से कर सकें।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो 17 फरवरी से विधानसभा का घेराव किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
रिपोर्ट- लव कुमार
