AI सुरक्षा के बड़े दावे हुए खोखले चालाकी से बातें घुमाकर ChatGPT से बनवाई जा रही हैं खौफनाक तस्वीरें, आप भी हो सकते हैं शिकार !
नई दिल्ली / टेक डेस्क (दिल्ली क्राइम प्रेस): तकनीक के इस आधुनिक दौर में जहां एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को इंसानों का सबसे बड़ा मददगार बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसके बेहद काले और खौफनाक चेहरे ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। दुनिया के सबसे लोकप्रिय AI टूल 'ChatGPT' को लेकर एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने टेक जगत से लेकर सुरक्षा एजेंसियों तक के होश उड़ा दिए हैं।
सुरक्षा का चक्रव्यूह भेदकर बनाई मृत महिलाओं की तस्वीरें ब्रिटेन की मशहूर एआई सुरक्षा एजेंसी Mindgard के शोधकर्ताओं ने एक शोध के दौरान पाया कि ChatGPT के सुरक्षा कवच (Safety Guardrails) जितने मजबूत दिखाए जाते हैं, असल में वे उतने हैं नहीं। शोधकर्ताओं ने सीधे तौर पर कोई गलत कमांड देने के बजाय, एआई को अपनी बातों के जाल में उलझाया। उन्होंने एक सामान्य से दिखने वाले निर्देश को थोड़ा घुमाकर (Prompt Manipulation) एआई से कहा कि वह एक कल्पित हिंसक तस्वीर को 'रीस्टोर' यानी साफ करे। नतीजा इतना भयानक था कि खुद रिसर्च करने वाले वैज्ञानिक जिम नाइटिंगेल (Jim Nightingale) की आँखों में आँसू आ गए। सुरक्षा नियमों को दरकिनार करते हुए ChatGPT ने मृत और प्रताड़ित महिलाओं की ऐसी खौफनाक और हिंसक तस्वीरें बनाकर सामने रख दीं, जो किसी का भी दिल दहला दें। बिल्ली और चूहे का खेल: अपराधी उठा सकते हैं फायदा एआई बनाने वाली कंपनी OpenAI का दावा है कि उनके पास आपत्तिजनक सामग्री को रोकने के लिए कई सुरक्षा फिल्टर हैं। लेकिन इस खुलासे ने साबित कर दिया है कि शातिर दिमाग अपराधी या हैकर्स बहुत आसानी से इन एआई टूल्स को झांसा देकर डीपफेक, अश्लील और अत्यधिक हिंसक सामग्री तैयार करवा सकते हैं। आज के दौर में इंटरनेट पर मौजूद किसी भी आम नागरिक, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करके उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। अपराध का बदला तरीका, अब जनता को बनना होगा जागरूक दिल्ली क्राइम प्रेस अपने पाठकों को सचेत करता है कि अब अपराध केवल गलियों या मोहल्लों तक सीमित नहीं रह गया है। आज डिजिटल स्पेस और एआई के जरिए आपके मान-सम्मान और सुरक्षा पर कभी भी वार हो सकता है। ऐसे आधुनिक और अदृश्य अपराधों से लड़ने के लिए केवल पुलिस व्यवस्था काफी नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक को जागरूक होना पड़ेगा। बदलिए समाज की तस्वीर: आज ही बनें दिल्ली क्राइम प्रेस का हिस्सा! क्या आप भी समाज में बढ़ रहे इस डिजिटल और सामाजिक अपराध के खिलाफ एक मजबूत ढाल बनना चाहते हैं? क्या आपके भीतर भी एक जागरूक पत्रकार और समाज सुधारक छिपा है? दिल्ली क्राइम प्रेस देश का एक ऐसा अग्रणी माध्यम है जो न केवल जमीन पर होने वाले अपराधों को बेनकाब करता है, बल्कि डिजिटल दुनिया के खतरों से भी जनता को सुरक्षित रखने का काम कर रहा है। हमारे 'सदस्यता महा-अभियान' से जुड़कर आप भी समाज को जागरूक करने की इस मुहिम में अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं।
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