दिल्ली पुलिस ने S.H.O को हटाया, महिला से की थी बदसलूकी
विवाद एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ। आरोप है कि सागरपुर थाने के पुलिसकर्मियों ने एक पीड़िता रेप सर्वाइवर की शिकायत दर्ज करने में न केवल आनाकानी की, बल्कि वहां मौजूद वकीलों के साथ भी बेहद अभद्र भाषा व्यवहार किया गया।
विवाद के मुख्य बाते:- अपमानजनक भाषा:-वीडियो में पुलिसकर्मी वकीलों के खिलाफ अप्सब्द और धमकी भरी भाषा का प्रयोग करते नजर आए।
वकीलों को रोकने का आरोप:- पुलिस ने कथित तौर पर एक महिला को वकील की मदद लेने से रोका और कहा कि अगर कोई वकील यहाँ आया तो उसे पीटा जाएगा
पीड़िता पर दबाव:-आरोप यह भी है कि पुलिस ने पीड़िता पर शिकायत को वापस लेने का दबाव बनाया और महीनों तक एफआईआर दर्ज भी नहीं किया।
पुलिस ने क्या कार्यवाही किया?
वकीलों के संगठन ने इस घटना के विरोध में थाने के घेराव की चेतावनी दी थी, जिसके बाद दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी अमित गोयल ने तुरंत कार्यवाही के आदेश दिए!
एसएचओ (SHO) लाइन हाजिर:- सागरपुर थाने के एसएचओ राज कुमार को उनके कार्य पद से हटाकर डिस्ट्रिक्ट लाइन भेज दिया है।
सब-इंस्पेक्टर (SI) सस्पेंड:- मामले में शामिल एक महिला सब-इंस्पेक्टर को तुरंत सस्पेंड कर दिया है।
विजिलेंस जांच शुरू:-पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विजिलेंस इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं।
एक अन्य अधिकारी पर गाज:- एसएचओ के साथ एक और एसआई को भी डिस्ट्रिक्ट लाइन भेजा गया है।
वकीलों का पक्ष
दिल्ली के अलग-अलग अदालतों जैसे पटियाला हाउस के वकीलों ने इसे पेशेवर गरिमा का अपमान बताया। वकीलों का कहना था कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्यवाही नहीं होगी, वे पीछे नहीं हटेंगे। पुलिस के इस एक्शन सस्पेंशन और लाइन हाजिर के बाद वकीलों ने अपना प्रस्तावित प्रदर्शन रद्द कर दिया।
निष्कर्ष:-वर्तमान में मामले की जांच चल रही है और विभाग यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि भविष्य में पुलिसकर्मियों का व्यवहार जनता और वकीलों के प्रति मर्यादित रहे।
संवाददाता:-अभिषेक कुमार