संघर्ष, साधना और सफलता की मिसाल बने गुलनवी जी
यूजीसी नेट 2025 (दर्शनशास्त्र) में एक बार फिर रचा इतिहास
“लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती”—
यह पंक्तियाँ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले आदरणीय गुलनवी जी पर पूरी तरह सटीक बैठती हैं।
एक बार फिर गुलनवी जी ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन का प्रमाण देते हुए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा आयोजित नेट परीक्षा–2025 में दर्शनशास्त्र (Philosophy) विषय से सफलता प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि उनके शिष्यों और शुभचिंतकों के लिए भी गर्व का विषय है।
शैक्षणिक यात्रा रही बहुआयामी
गुलनवी जी की शैक्षणिक यात्रा अत्यंत प्रेरणादायक रही है।
वर्ष 2012 में उन्होंने राजनीति शास्त्र से एम.ए. की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने करियर की शुरुआत की।
इसके बाद वर्ष 2017 में एलएलबी,
वर्ष 2019 में एलएलएम,
तथा वर्ष 2021 में दर्शनशास्त्र से एम.ए. की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।
नेट और जेआरएफ में लगातार सफलता
उनकी उपलब्धियाँ यहीं नहीं रुकतीं—
वर्ष 2017 में पहली बार राजनीति शास्त्र से यूजीसी नेट उत्तीर्ण किया।
वर्ष 2019 में राजनीति शास्त्र से नेट जेआरएफ के साथ-साथ उसी वर्ष कानून विषय से नेट परीक्षा भी उत्तीर्ण की।
वर्ष 2022 में कानून विषय से नेट जेआरएफ प्राप्त कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
और अब वर्ष 2025 में दर्शनशास्त्र विषय से यूजीसी नेट उत्तीर्ण कर एक बार फिर इतिहास रच दिया है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
गुलनवी जी की यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयासरत हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और बहुविषयक ज्ञान उन्हें शिक्षा जगत में एक विशिष्ट स्थान दिलाता है।
क्षेत्रवासियों, छात्रों एवं शुभचिंतकों ने गुलनवी जी को इस ऐतिहासिक सफलता पर हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ दी हैं।
बदायूं से
संवाददाता एके सोनी