डॉ. विवेक अग्रवाल के शोध से प्रभावित होकर विदेश से आई भारतीय मूल की महिला ने चुना भारत में स्तन कैंसर का उपचार
नई दिल्ली। चिकित्सा विज्ञान में शोध केवल अकादमिक उपलब्धि नहीं होता, बल्कि कई बार यह मरीजों के जीवन में आशा और विश्वास का आधार बन जाता है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण हाल ही में सामने आया, जब विदेश में रह रही भारतीय मूल की एक महिला ने स्तन कैंसर के उपचार के लिए ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों में उपलब्ध विकल्पों का मूल्यांकन करने के बाद भारत आकर वरिष्ठ एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जन डॉ. विवेक अग्रवाल से उपचार करवाने का निर्णय लिया।
मरीज को स्तन कैंसर का निदान होने के बाद उन्होंने अपने निवास देश ऑस्ट्रेलिया में विशेषज्ञों से परामर्श लिया। उपचार के विभिन्न विकल्पों पर विचार करते हुए उन्होंने वैज्ञानिक साहित्य और अंतरराष्ट्रीय शोध कार्यों का अध्ययन करना शुरू किया। इसी दौरान उनकी नजर डॉ. विवेक अग्रवाल और उनके सहयोगियों द्वारा प्रकाशित शोध पत्र "Feasibility Study of Safe Breast Conservation in Large and Locally Advanced Cancers with Use of Radiopaque Markers to Mark Pre-Neoadjuvant Chemotherapy Tumor Margins" पर पड़ी। इस शोध में बड़े एवं लोकली एडवांस्ड ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों में नियोएडजुवेंट कीमोथेरेपी के बाद सुरक्षित रूप से ब्रेस्ट कंजर्वेशन सर्जरी करने की संभावनाओं और उत्कृष्ट परिणामों का वर्णन किया गया था। शोध के वैज्ञानिक आधार, दीर्घकालिक परिणामों और डॉ. अग्रवाल के अनुभव से प्रभावित होकर मरीज ने ऑस्ट्रेलिया में उपचार करवाने के बजाय भारत आने का निर्णय लिया।
जब शोध पत्र बन गया उपचार का मार्गदर्शक
किसी सर्जन के लिए इससे बड़ी उपलब्धि शायद ही हो सकती है कि वर्षों पहले प्रकाशित उसका शोध आज भी मरीजों के उपचार संबंधी निर्णयों को प्रभावित कर रहा हो। मरीज के अनुसार, इंटरनेट पर उपलब्ध डॉ. विवेक अग्रवाल के शोध कार्यों और उनके क्लिनिकल अनुभव के बारे में पढ़ने के बाद उन्हें विश्वास हुआ कि वे कैंसर का प्रभावी उपचार प्राप्त करने के साथ-साथ अपने स्तन को भी सुरक्षित रख सकती हैं। उनका मानना था कि उपचार का चयन केवल अस्पताल के आधार पर नहीं, बल्कि उस सर्जन के अनुभव, शोध, प्रकाशित परिणामों और विशेषज्ञता के आधार पर होना चाहिए। यही विश्वास उन्हें हजारों किलोमीटर दूर भारत लेकर आया। ब्रेस्ट कंजर्वेशन सर्जरी: आधुनिक स्तन कैंसर उपचार की दिशा पहले बड़े आकार के स्तन कैंसर में अक्सर पूरे स्तन को हटाना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता था। लेकिन आधुनिक कैंसर उपचार और नियोएडजुवेंट कीमोथेरेपी के विकास ने इस सोच को बदल दिया है।
डॉ. विवेक अग्रवाल उन भारतीय सर्जनों में शामिल हैं जिन्होंने बड़े और लोकली एडवांस्ड स्तन कैंसर के मरीजों में भी स्तन संरक्षण की संभावनाओं पर कार्य किया तथा इसे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित करने में योगदान दिया। उनके शोध ने यह दिखाया कि सही मरीज चयन, सटीक सर्जिकल योजना और आधुनिक तकनीकों की सहायता से कैंसर को पूरी तरह निकालते हुए स्तन को सुरक्षित रखा जा सकता है।
इस तकनीक के प्रमुख लाभ हैं:
स्तन की प्राकृतिक बनावट का संरक्षण
बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम
मानसिक एवं भावनात्मक आत्मविश्वास में वृद्धि
उत्कृष्ट कैंसर नियंत्रण
जीवन की गुणवत्ता में सुधार
कई मरीजों में मास्टेक्टॉमी से बचाव
सफल सर्जरी विस्तृत जांच और उपचार योजना के बाद डॉ. विवेक अग्रवाल ने अपनी टीम के साथ सर्जरी सम्पन्न की। ऑपरेशन के दौरान कैंसरग्रस्त ऊतक को सुरक्षित मार्जिन सहित निकाला गया तथा स्तन की अधिकतम संरचना को संरक्षित रखा गया। सर्जरी सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई और मरीज की रिकवरी संतोषजनक रही। उपचार के बाद मरीज और उनके परिवार ने डॉ. अग्रवाल एवं उनकी टीम के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. अग्रवाल के शोध कार्य ने ही उन्हें भारत आने और यह उपचार चुनने का आत्मविश्वास दिया। भारतीय चिकित्सा विशेषज्ञता की वैश्विक पहचान यह घटना केवल एक सफल ऑपरेशन की कहानी नहीं है, बल्कि भारतीय चिकित्सा शोध की वैश्विक स्वीकार्यता का भी प्रमाण है। जब विदेश में रह रही भारतीय मूल की महिला ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित स्वास्थ्य तंत्र वाले देश में उपलब्ध विकल्पों के बावजूद एक भारतीय सर्जन के शोध और अनुभव पर विश्वास कर उपचार के लिए भारत आती है, तो यह उस सर्जन की प्रतिष्ठा और वैज्ञानिक योगदान का सशक्त उदाहरण बन जाता है। डॉ. विवेक अग्रवाल द्वारा वर्षों पहले किया गया शोध आज भी दुनिया भर के मरीजों तक पहुँच रहा है और उनके उपचार संबंधी निर्णयों को प्रभावित कर रहा है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण और विशेषज्ञता को दर्शाती है, बल्कि भारतीय सर्जिकल विज्ञान की बढ़ती वैश्विक पहचान को भी रेखांकित करती है। यह सफल सर्जरी महाराजा अग्रसेन अस्पताल, वेस्ट पंजाबी बाग, नई दिल्ली में सम्पन्न की गई।
ऑपरेशन टीम
मुख्य सर्जन
डॉ. विवेक अग्रवाल
वरिष्ठ एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जन
सहायक सर्जन,डॉ. यशिता ,डॉ. निमिष
एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ,डॉ. सुकांत
ओटी टेक्नीशियन,अर्जुन कौशिक
नर्सिंग स्टाफ,अनुपम
सहयोगी स्टाफ,आशा,आशामोल
अस्पताल प्रबंधन के स्तर पर भी यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। महाराजा अग्रसेन अस्पताल चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष श्रीमती मीना गुप्ता के नेतृत्व में अस्पताल ने उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं, आधुनिक सुविधाओं और शोध-आधारित उपचार को निरंतर बढ़ावा दिया है। उनकी दूरदर्शी सोच और मरीजों के प्रति समर्पित दृष्टिकोण के कारण अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। ऐसे वातावरण में डॉ. विवेक अग्रवाल जैसे विशेषज्ञों का कार्य और शोध राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मरीजों का विश्वास अर्जित कर रहा है।
निष्कर्ष
कई बार एक शोध पत्र केवल वैज्ञानिक साहित्य का हिस्सा नहीं रहता, बल्कि किसी मरीज के लिए जीवन बदल देने वाला मार्गदर्शक बन जाता है। विदेश से आई इस भारतीय मूल की महिला की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। डॉ. विवेक अग्रवाल के शोध, अनुभव और स्तन संरक्षण सर्जरी के क्षेत्र में उनके योगदान ने एक मरीज को ऑस्ट्रेलिया के बजाय भारत में उपचार चुनने के लिए प्रेरित किया। यह विश्वास, चिकित्सा उत्कृष्टता और शोध-आधारित उपचार की शक्ति का प्रमाण है।