मेरठ, सूत्र। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। हापुड़ अड्डे पर दर्जनों ऑटो बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन वाहनों के नंबर सार्वजनिक होने और इनके रजिस्ट्रेशन की अवधि समाप्त होने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस इन पर मेहरबानी बरसा रही है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे खेल के पीछे 'नदीम' नामक व्यक्ति का नाम सामने आया है। आरोप है कि नदीम इन अवैध ऑटो चालकों से मोटी रकम वसूलता है और यह पैसा सीधे विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुँचाया जाता है। इसी 'कमीशन' के खेल के कारण इन ऑटो का न तो चालान होता है और न ही इन्हें जब्त किया जाता है। एक ऑटो चालक ने नाम न छापने की शर्त पर स्वीकार किया कि महीने की बंधी हुई रकम देने के कारण उन्हें पुलिस की कोई फिक्र नहीं रहती। बिना वैध रजिस्ट्रेशन के चल रहे इन वाहनों से यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में इन वाहनों की पहचान और कानूनी कार्रवाई असंभव हो जाएगी। मामले में दर्जनों ऑटो के नंबर भी सामने आए हैं, जिनमें प्रमुख हैं: UP15CT5997, UP15CT8773, UP15DT1821, UP15DT2879, UP15DT3740, UP15DT3827, UP15DT4338, UP15DT6980, UP15DT6629, UP15ET4761, UP15BT8711, UP15CT2942, UP15DT8498, UP15DT7709, UP15HT4670, UP15ET4131, UP15GT2961, UP15ET4013, UP15GT3432, UP15CT5295, UP15FT4821 स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने इस भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी नाराजगी जताई है। हालांकि मेरठ ट्रैफिक प्रभारी ने इस विषय पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी भी संदेह पैदा कर रही है। अब जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शासन प्रशासन इस भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुँचकर कार्रवाई करेगा या मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा।