मुजफ्फरनगर: जनपद के बुढ़ाना तहसील के ग्राम पालड़ी निवासी एक युवा किसान ने लीक से हटकर पारंपरिक खेती या व्यवसाय के बजाय आधुनिक बकरी पालन को अपनाया और आज वे क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। ग्राम पालड़ी निवासी सचिन सैनी पुत्र राकेश सैनी, जो बीए CCSU मेरठ से शिक्षित हैं, वर्ष 2001 से लगातार सैनिट्री का व्यवसाय कर रहे थे। इसी बीच उन्हें भारत सरकार द्वारा पशुपालन को बढ़ावा देने की योजनाओं की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखने का मन बनाया। सचिन सैनी ने केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG) मथुरा जाकर आवश्यक दिशा-निर्देश और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) योजना के अंतर्गत 10 जनवरी 2023 को ऑनलाइन आवेदन किया। पशुपालन विभाग के सहयोग से 22 मई 2024 को उन्हें 525 बकरियों के कमर्शियल फार्म की स्वीकृति मिली, जिस पर सरकार द्वारा 50% की भारी सब्सिडी प्रदान की गई। शेष राशि के लिए उन्होंने केनरा बैंक से ₹30 लाख का लोन लेकर एक आधुनिक फार्म शेड और चरागाह स्थापित किया। उन्होंने मथुरा से 'बरबरी' और पंजाब से 'बीटल' प्रजाति की बकरियां लाकर अपने काम की शुरुआत की। फार्म पर बकरियों के आते ही उन्होंने स्वयं उनका टीकाकरण और डीवर्मिंग कराया। शुरुआत में 525 बकरियों से शुरू हुआ यह सफर आज 600 से अधिक बकरियों और उनके बच्चों तक पहुंच चुका है। सचिन सैनी आधुनिक मशीनों द्वारा साफ-सुथरे तरीके से बकरी का शुद्ध दूध निकालते हैं, जिससे वे सालाना ₹1.5 लाख तक का दूध बेच देते हैं। डेंगू व अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी वे यह दूध उपलब्ध कराते हैं। अब उनका अगला लक्ष्य बकरी के दूध से पनीर और खोया बनाने का है। दूध के अलावा, वे बकरियों के मलमूत्र से जैविक खाद तैयार करते हैं, जिससे सालाना ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त आय होती है। आज इस फार्म के माध्यम से उनका टर्नओवर बढ़कर ₹20 लाख वार्षिक आय तक पहुंच गया है, और उन्होंने 5 स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार भी प्रदान किया है। सचिन सैनी का कहना है कि जिन किसानों के पास भूमि नहीं है, उनके लिए बकरी पालन एक बेहद उपयोगी और कम लागत में शुरू होने वाला व्यवसाय है, क्योंकि बकरियां एक बार में 1 से 4 बच्चे देती हैं जिससे इनकी संख्या और आय बहुत तेजी से बढ़ती है। उनकी इस सफलता को देखकर गांव के कई अन्य लोगों ने भी बकरी पालन का मन बनाया है और कुछ लोग उनसे 10 से 20 बकरियां ले जाकर अपना काम भी शुरू कर चुके हैं। सचिन सैनी ने अपनी इस सफलता का श्रेय भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता के निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन व सहयोग को दिया है।
—रिपोर्ट: निखिल सैनी द्वारा सू०वि०
मुजफ्फरनगर: सैनिट्री व्यवसाय छोड़ सचिन सैनी ने बकरी पालन में गाड़े सफलता के झंडे, सालाना कमा रहे 20 लाख रुपये
Genral
07/07/2026 09:21 AM 8
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