बरसात बनी जानलेवा, जहरीले सांप के डसने से मां-बेटी की मौत...
दिल्ली में मानसून के साथ जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। दिल्ली के बख्तावरपुर गांव की त्रिवेणी कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसे में जहरीले सांप के डसने से एक ही परिवार की मां और बेटी की मौत हो गई, जबकि 15 वर्षीय बेटा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। यह घटना बरसात के मौसम में सावधानी बरतने की गंभीर चेतावनी भी है।
दिल्ली के बख्तावरपुर गांव की त्रिवेणी कॉलोनी में रहने वाली 35 वर्षीय सकीना पिछले करीब दस वर्षों से किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रह रही थीं। लगातार हुई बारिश के बाद इलाके में जलभराव और गंदगी की स्थिति बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश के बाद रात में सकीना अपनी 13 वर्षीय बेटी आफिया और 15 वर्षीय बेटे फरियाद के साथ जमीन पर बिस्तर लगाकर सो रही थीं। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने तीनों को डस लिया।
रात करीब ढाई बजे तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी। शरीर में तेज दर्द और बेचैनी होने पर सकीना ने अपने पति को जानकारी दी। परिवार तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां से तीनों को रोहिणी स्थित अंबेडकर अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सकीना को मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद उनकी 13 वर्षीय बेटी आफिया ने भी दम तोड़ दिया, जबकि 15 वर्षीय फरियाद का इलाज अंबेडकर अस्पताल में जारी है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पड़ोसियों के मुताबिक बरसात के दिनों में नालियों का गंदा पानी अक्सर घर में भर जाता था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार मकान नहीं बदल सका। सकीना का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है। मां-बेटी की मौत के बाद परिजन दोनों के शव अंतिम संस्कार के लिए अलीगढ़ ले गए।यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि बरसात के मौसम में बढ़ते खतरों की चेतावनी भी है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि घर और आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियां समय-समय पर कटवाएं, जलभराव न होने दें और फर्श पर सोने से बचें। साथ ही दिल्ली सरकार और नगर निगम को भी जलभराव वाले क्षेत्रों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव, झाड़ियों की सफाई और नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
संवाददाता सुहैल अहमद दिल्ली