28 जनवरी से राशन बंद – कोटेदारों का अनिश्चितकालीन धरना, लाखों गरीबों की थाली खाली!
उत्तर प्रदेश के राशन कोटेदारों (उचित दर विक्रेताओं) ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ने की तैयारी कर ली है। विभिन्न जिलों में प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और चेतावनी के बाद अब उन्होंने **28 जनवरी 2026** से **अनिश्चितकालीन धरना** शुरू करने का ऐलान किया है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे **विधानसभा घेराव** भी करेंगे।
### प्रमुख मांगें:
- **खाद्यान्न लाभांश (कमीशन)** में भारी वृद्धि: वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कोटेदारों को प्रति क्विंटल मात्र **90-100 रुपये** ही मिलते हैं, जबकि अन्य राज्यों जैसे हरियाणा, केरल, गोवा, दिल्ली और गुजरात में यह **200 रुपये** या उससे अधिक है। कोटेदारों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में इतने कम कमीशन से गुजारा असंभव हो गया है।
- **न्यूनतम आय गारंटी**: राशन दुकानदारों को मासिक न्यूनतम आय सुनिश्चित करने की मांग, क्योंकि ई-पॉस मशीन, बिजली बिल, कर्मचारी वेतन और अन्य खर्चों के बाद कुछ नहीं बचता।
- अन्य मुद्दे: सरकारी योजनाओं में अतिरिक्त काम (जैसे नि:शुल्क राशन वितरण) के लिए उचित मुआवजा, पुराने बकाया का भुगतान आदि।
### आंदोलन की पृष्ठभूमि:
दिसंबर 2025 में जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बाराबंकी, अमरोहा, हाथरस, सोनभद्र, मुरादाबाद जैसे कई जिलों में कोटेदारों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया, जाम लगाया और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश उचित दर विक्रेता कल्याण संघ और अन्य संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो **28 जनवरी** से पूरे प्रदेश में राशन वितरण प्रभावित हो सकता है।
यह आंदोलन गरीबों को नि:शुल्क/सस्ता राशन पहुंचाने वाले कोटेदारों की आर्थिक बदहाली को उजागर करता है। यदि धरना लंबा चला तो लाखों लाभार्थियों को राशन मिलने में दिक्कत आ सकती है। सरकार से जल्द हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है, वरना स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।
*रिपोर्ट- लव कुमार*
