महिला थाना प्रभारी की कमान अनुभव और कुछ नया कर गुजरने की जिज्ञासा रखने वाली प्रिती चाहल के हाथों में
महिला थाना प्रभारी के रूप में प्रीति चाहल को मुजफ्फरनगर में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिला थाना आज के समय में पुलिस व्यवस्था का ऐसा महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है, जहां केवल शिकायतों पर कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों को समझने और टूटते संबंधों को संवाद के माध्यम से संभालने की भी चुनौती होती है। पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद, पारिवारिक मतभेद, महिला उत्पीड़न और आपसी मनमुटाव से जुड़े बड़ी संख्या में मामले यहां पहुंचते हैं। ऐसे मामलों में कानून की जानकारी के साथ-साथ संवेदनशीलता, धैर्य, संवाद और परिस्थितियों को समझने की क्षमता भी बेहद आवश्यक होती है।महिला थाने की जिम्मेदारी इसलिए भी अलग और महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां आने वाली हर शिकायत के पीछे एक परिवार, रिश्ते और भावनाओं की कहानी होती है। कई बार विवाद इतना बढ़ जाता है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे से बातचीत तक करने को तैयार नहीं होते। ऐसे में पुलिस की भूमिका केवल कार्रवाई करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि दोनों पक्षों को सुनना, वास्तविक समस्या को समझना और कानून के दायरे में उचित समाधान की दिशा तलाशना भी महत्वपूर्ण हो जाता है।मुजफ्फरनगर महिला थाने में पूर्व में मोनिका चौहान सहित कई महिला थाना प्रभारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन किया है। अब यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रीति चाहल को मिली है। अनुभव के साथ-साथ पारिवारिक एवं महिला संबंधी मामलों की बारीकियों को समझने की उनकी क्षमता इस जिम्मेदारी में उपयोगी साबित हो सकती है। उनके सामने चुनौती यह होगी कि पीड़ित महिलाओं को भरोसा और सुरक्षा का वातावरण मिले, वहीं पारिवारिक विवादों में जहां संभव हो वहां संवाद और समझौते की राह भी तलाश की जाए।महिला थाना समाज और पुलिस के बीच विश्वास का एक महत्वपूर्ण सेतु है। यहां आने वाली महिलाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनी जाएगी और उनकी समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा। प्रीति चाहल के सामने अब इसी विश्वास को और मजबूत करने की जिम्मेदारी है। उम्मीद की जानी चाहिए कि वह अपनी नई जिम्मेदारी का निर्वहन संवेदनशीलता, निष्पक्षता और कानूनसम्मत तरीके से करते हुए महिला थाना मुजफ्फरनगर की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
रिपोर्टर सतेन्द्र सैनी