मेरठ नगर निगम की बेरुखी से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हुए क्षेत्रवासी
श्याम नगर की मुख्य सड़क से लेकर अंदरूनी गलियों तक, हर तरफ नगर निगम की लापरवाही की जीती-जागती तस्वीर दिखाई दे रही है। लंबे समय से खस्ताहाल पड़ी सड़कों की मरम्मत न होने के कारण स्थिति 'बद से बदतर' हो चुकी है। जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे और उड़ती धूल ने स्थानीय निवासियों का जीना दुश्वार कर दिया है। आलम यह है कि पैदल चलने वाले और वाहन चालक हर समय हादसे की आशंका से सहमे रहते हैं। जरा सी लापरवाही भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार महकमा गहरी नींद में सोया हुआ है। प्रशासनिक उपेक्षा के कारण क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश और निराशा का माहौल है। जलभराव और उबड़-खाबड़ रास्तों की वजह से लोगों का घरों से निकलना तक दूभर हो चुका है। बुजुर्गों और स्कूली बच्चों के लिए यह सड़क एक दुस्वप्न बन चुकी है, जहां रोज कोई न कोई फिसलकर चोटिल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को कई बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही हाथ लगा। यदि जल्द ही सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो क्षेत्रीय जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी
रिपोर्टर शाहिद हसन मेरठ
सहयोगी फौलाद कुरैशी