झूठी शिकायत के खिलाफ क्रॉस एफ.आई.आर. लिखवाने के लिए थानों के चक्कर काट रहा युवक, पुलिस नहीं दे रही ध्यान।
जनसुनवाई पोर्टल पर दी गई शिकायत का एस.आई. साहब ने फर्जी तरीके से कर दिया निस्तारण - पीड़ित सूरज
मुजफ्फरनगर। भारतीय कानून और न्याय व्यवस्था का मानना है कि सभी दोषियों को दंड दिया जाए और निर्दोषों को सजा न मिले, जिसके संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि भले ही सभी दोषियों को रिहा कर दिया जाए लेकिन एक निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए। ऐसे में शुरुआती प्रावधान है कि यदि किसी निर्दोष पर झूठा आरोप लगते हुए एफ.आई.आर. दर्ज हो जाए तो वह तुंरत अपने नजदीकी थाने में जाकर क्रॉस या काउंटर एफ.आई.आर लिखवा सकता है ताकि मूल एफ.आई.आर के संबंध में नियुक्त जांच अधिकारी क्रॉस एफ.आई.आर का भी जांच अधिकारी बनकर सत्यता और निष्पक्षता के आधार पर फाइनल रिपोर्ट तैयार कर सके। लेकिन ऐसे में अगर पुलिस अधिकारी क्रॉस एफ.आई.आर लिखने से मना कर दे या आनाकानी करे तो निर्दोष लोगों को मानसिक, सामाजिक, और आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ सकता है, बेवजह कानूनी लड़ाई में फंसे रहते हैं और करियर और निजी जीवन भी खराब हो सकता है। ऐसा ही मामला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर से सामने आ रहा है जहां गांधी नगर निवासी पीड़ित सूरज सैनी ने बताया कि उसकी पत्नी ने झूठी एफ.आई.आर. दर्ज करा दी है और वह क्रॉस एफ.आई.आर. लिखवाने के लिए लगातार कभी महिला थाना और कभी नई मंडी थाने का चक्कर काट रहा है। पूरे मामले की जानकारी देते हुए पीढ़ी सूरज सैनी पुत्र सतेंद्र सैनी ने बताया कि उसकी शादी ग्राम बिलासपुर थाना क्षेत्र नई मंडी में रहने वाली पिंकी पुत्री कल्लू सैनी के साथ हुई थी लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी अपने घर चली गईं और अपने परिवार के साथ मिलकर मुझे व मेरे परिवार को झूठे मुकदमे फसाने की और जान से मारने की धमकी देने लगे। जिसके बाद मैनें अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायती प्रार्थना पत्र दिनांक 19 अक्टूबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर को झूठे मुकदमे से सुरक्षा के लिए दिया, जिस संबंध में दिनांक 28 अक्टूबर को हमारे मध्य समझौते हो गया था मेरी पत्नी ने एक हफ्ते बाद ससुराल वापस आने की बात कही थी, लेकिन एक हफ्ता पूरा होने से पहले ही मेरे खिलाफ बदले की भावना में, पैसा ऐंठने की फिराक में दहेज व मारपीट का झूठा आरोप लगाते हुए महिला थाने में 4 नवंबर को प्रार्थना पत्र दे दिया। मध्यस्थता केंद्र मुजफ्फरनगर में पिंकी ने समझौता नहीं किया और मुकदमा लिखने की बात कही तब मैंने भी काउंटर एफ.आई.आर. लिखवाने के लिए प्रार्थना पत्र एसएसपी महोदय को दिया। जो जनसुनवाई पोर्टल पर डाल दिया गया लेकिन बिना सत्यता को जाने ही एस.आई. राहुल कुमार महोदय द्वारा निस्तारण कर दिया गया और थाना नई मंडी द्वारा कोई क्रॉस एफ.आई.आर. भी नहीं लिखी गई। अब पीड़ित सूरज सैनी ने पुनः विचार के लिए प्रार्थना की है और क्रास एफआईआर लिखवाकर न्याय की मांग की है